Ayurvedic tips for diabetes, Piles, ear, beauty, belly fat 1 October 2019

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: 🌹कर्ण-सुरक्षा🌹

🌹कान वायु का स्थान है | यहाँ की वायु के शमनार्थ कानों में प्रतिदिन तेल डालना चाहिए | इसके लिए सरसों का तेल उत्तम हैं | तेल डालने के बाद कान के मूल में धीरे-धीरे मालिश करें | इस से कानों की उच्च श्रवण, बहरेपन व अन्य रोगों से सुरक्षा होती हैं | ऊँची आवाज ,तेज व ठंडी हवा तथा पानी से कानों को बचना चाहिए |

पेट को कैसे कम करें

🍸 1. आप सुबह और शाम एक गिलास गर्म पानी लें, हो सके तो इसमें नींबू डाल कर लें। इससे खास तौर पर आपका पेट कम होगा।

🚶🏻 2. अगर आप ऐसे काम करते हैं जिसमें आपको ज्यादा देर बैठना पड़ता है, तो इसके कारण कमर के आस पास ज्यादा फैट इकट्ठा हो जाता है।

इसके लिए आप हर एक घंटे के बाद खड़े होकर 10 मिनट इधर उधर walk कीजिए। इससे पेट का फैट बढ़ने से रुकेगा।

🍂 3. वैसे तो ड्राई फ्रूट्स में फैट और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, लेकिन अगर आप बादाम अखरोट और पिस्ता रोज सुबह खाएं तो यह आपके मेटाबॉलिज्म को काफी अच्छा करेगा,

और पेट के फैट को घटाएगा। बादाम आपकी स्किन और ब्रेन के लिए भी फायदेमंद है, अखरोट आपके शरीर की अंदरुनी शक्ति को मजबूत करता है और पिस्ता आपके हृदय के लिए काफी फायदेमंद है।

🍑 4. सामान्यतया हम ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर दिन में तीन बार पेट भर के खाते हैं। पर अभी लेटेस्ट रिसर्च कहती है कि व्यक्ति को हर 3 घंटे में थोड़ा थोड़ा खाना चाहिए। इससे पेट का फैट नहीं बनेगा।

🍜 5. खाने से पहले सूप, नट्स और सलाद लें। इससे भी पेट का फैट कम होगा।

🍔 6. सामान्यतया जब आपको पेट कम करना होता है तो आप अपनी पसंदीदा चीज, जैसे कि पिज्जा, बर्गर आदि सब छोड़ देते हैं।

लेकिन मॉडर्न रिसर्च कहती है कि इससे शरीर में उसकी क्रेविंग बढ़ती है, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म इतना सहयोगी नहीं रहता है। इसलिए उसे पूरा ना छोड़ कर सात दिन में एक बार खा ले।

🍞 7. कई लोग जल्दी वजन कम करने के लिए हाय प्रोटीन लेना शुरु कर देते हैं और लो कार्बोहाइड्रेट (अनाज) लेते हैं। पर इससे कुछ समय के लिए ही आपका वजन घटेगा। जैसे ही आप नार्मल डाइट पर आएंगे वापस उतना वजन बढ़ जाएगा।

🛢 8. दिन में 12 गिलास पानी जरूर पिएँ। लेटेस्ट रिसर्च मानती है कि पानी की अच्छी मात्रा पेट के फैट को नहीं बनने देती है।

🌱 9. आपने डिनर के साथ हरी मिर्च का प्रयोग करने से भी पेट का फैट कम होगा।

🍵 10. रात को सोने से पहले zeta / honza टी लें। ये उत्तम समय है zeta/ honza टी पीने का। इस से भी पेट का फैट जल्द ही burn होगा।

🍍 11. सुबह भूखे पेट पपीता, अनार, पाइनैप्पल, एप्पल लें। यह चार फल फैट-कटर हैं, और बहुत जल्दी आपके पेट के फैट को कम करें
: डायबिटीज रोगियों के लिए बड़े काम के हैं ये देसी नुस्खे

1 नींबू : मधुमेह के मरीज को प्यास अधिक लगती है। अतः बार-बार प्यास लगने की अवस्था में नींबू निचोड़कर पीने से प्यास की अधिकता शांत होती है।
2 खीरा : मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बार-बार भूख महसूस होती है। इस स्थिति में खीरा खाकर भूख मिटाना चाहिए।
3 गाजर-पालक : इन रोगियों को गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे आंखों की कमजोरी दूर होती है।
4 शलजम : मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए। शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। अतः शलजम की सब्जी, पराठे, सलाद आदि चीजें स्वाद बदल-बदलकर ले सकते हैं।
5 जामुन : मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक औषधि है। जामुन को मधुमेह के रोगी का ही फल कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में बेहद फायदेमंद हैं। मौसम के अनुरूप जामुन का सेवन औषधि के रूप में खूब करना चाहिए।
6 करेले : प्राचीन काल से करेले को मधुमेह की औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसका कड़वा रस शुगर की मात्रा कम करता है। मधुमेह के रोगी को इसका रस रोज पीना चाहिए।
🌹सौन्दर्य और निखार पाने हेतु –

🌹 मुलतानी मिट्टी और आलू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाओ तो चेहरे में सौन्दर्य और निखार आयेगा |

🌻नांरगी के छिलके छाया में सुखा दो… कूटके उसका घोल बनाओ ….. रात को लगाओ और सुबह जीरे के पानी से धो….. ब्युटीपार्लर में जाने की जरूरत भी नहीं ऐसे ही ब्यूटीफुल हो जाओगे |
नवरात्रि में करे वैदिक टीकाकरण
नवरात्रि के शुरु दिन से ही सुबह खालीपेट 9 नीम पत्ता मुलायम गुलाबी वाला लेकर धो ले अब इसमे तीन काली मिर्च रखकर अच्छी तरह से चबाकर खा ले आधे घंटे तक कुछ भी खाना व पीना नहीं है
ऐसा नौ दिन तक रोज खाना हैं यदि दोनों नवरात्रि में आप ये उपाय करें तो साल भर आप वायरस फीवर मौसमी बीमारी से बचे रहेंगे
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[: बवासीर के घरेलू उपचार

बवासीर मलाशय के आसपास की नसों की सूजन के कारण विकसित होता है। बवासीर दो प्रकार की होती है,खूनी बवासीर और बादी वाली बवासीर,खूनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते है,और उनसे खून गिरता है,जबकि बादी वाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते है,और मस्सों में खाज पीडा और सूजन होती है। बवासीर बेहद तकलीफदेह होती है। देर तक कुर्सी पर बैठना और बिना किसी शेड्यूल के कुछ भी खा लेना इसका प्रमुख कारण है।हम आपको यहाँ पर कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताते हैं जिससे बवासीर और इससे होने वाले दर्द में राहत मिल सकती है।

*एक पके केले को बीच से चीरकर उसके दो टुकडे कर लें फिर उस पर कत्था पीसकर छिडक दें, इसके बाद उस केले को खुले आसमान के नीचे शाम को रख दें,सुबह को उस केले को शौच करने के बाद खालें। एक हफ़्ते तक लगातार इसको करने के बाद भयंकर से भयंकर बवासीर भी समाप्त हो जाती है।

*खूनी बवासीर में एक नींबू को बीच में से काटकर उसमें लगभग 4-5 ग्राम कत्था पीसकर डाल दीजिए। इन दोनों टुकड़ों को रात में छत पर खुला रख दीजिए। सुबह उठकर नित्य क्रिया से निवृत होने के बाद इन दोनों टुकड़ों को चूस लीजिए। पांच दिन तक इस प्रयोग को कीजिए। बहुत फायदा होता है।

*करीब दो लीटर मट्ठा लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा सा सेंधा नमक जरुर मिला दें। पूरे दिन पानी की जगह यह मट्ठा ही पियें। चार-पाँच दिन तक यह प्रयोग करें, मस्से काफी ठीक हो जायेंगे।

*छोटी पिप्पली को पीस कर उसका चूर्ण बना ले, इसे शहद के साथ लेने से भी आराम मिलता है|

*नीम के छिलके सहित निंबौरी के पावडर को प्रतिदिन 10 ग्राम मात्रा में रोज सुबह बासी पानी के साथ सेवन करें, लाभ होगा। लेकिन इसके साथ आहार में घी का सेवन आवश्यक है। *जीरे को पीसकर मस्सों पर लगाने से भी फायदा मिलता है, साथ ही जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से भी फायदा मिलता है।

*बवासीर की समस्या होने पर आंवले के चूर्ण को सुबह-शाम शहद के साथ लेने से भी जल्दी ही फायदा होता है।

*एक चम्मच आंवले का चूर्ण सुबह शाम शहद के साथ लेने से भी बवासीर में लाभ प्राप्त होता है।

*नीम का तेल मस्सों पर लगाने से और 4- 5 बूँद रोज़ पीने से बवासीर में बहुत लाभ होता है।

*एक चाय का चम्मच धुले हुए काले तिल ताजा मक्खन के साथ लेने से भी बवासीर में खून आना बंद हो जाता है।

*50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भूनते हुए जला लीजिए। ठंडी होने के बाद इस इलायची को पीस लीजिए। प्रतिदिन सुबह इस चूर्ण को पानी के साथ खाली पेट लेने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है।

*नियमित रुप से गुड के साथ हरड खाने से भी बवासीर में जल्दी ही फ़ायदा होता है।

*नागकेशर, मिश्री और ताजा मक्खन इन तीनो को रोजाना बराबर मिलाकर 10 दिन खाने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है।

*जमीकंद को देसी घी में बिना मसाले के भुरता बनाकर खाएँ शीघ्र ही लाभ मिलेगा।

*सुबह खाली पेट मूली का नियमित सेवन भी बवासीर को खत्म कर देता है।

*बवासीर की समस्या होने पर तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें।
: *मधुमेह के कुछ आसान से घरेलू उपाय*

बदलता परिवेश और रहन-सहन शहर में मधुमेह के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा कर रहा है। खान-पान पर नियंत्रण न होना भी इसके लिए जिम्मेदार है। डायबिटीज के मरीज को सिरदर्द, थकान जैसी समस्याएं हमेशा बनी रहती हैं। मधुमेह में खून में शुगर की मात्रा बढ जाती है। वैसे इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है। परंतु जीवनशैली में बदलाव, शिक्षा तथा खान-पान की आदतों में सुधार द्वारा रोग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

मधुमेह लक्षण :——

  1. बार-बार पेशाब आना।
  2. बहुत ज्यादा प्यास लगना।
  3. बहुत पानी पीने के बाद भी गला सूखना।
  4. खाना खाने के बाद भी बहुत भूख लगना।
  5. मितली होना और कभी-कभी उल्टी होना।
  6. हाथ-पैर में अकड़न और शरीर में झंझनाहट होना।
  7. हर समय कमजोरी और थकान की शिकायत होना।
  8. आंखों से धुंधलापन होना।
  9. त्वचा या मूत्रमार्ग में संक्रमण।
  10. त्वचा में रूखापन आना।
  11. चिड़चिड़ापन।
  12. सिरदर्द।
  13. शरीर का तापमान कम होना।
  14. मांसपेशियों में दर्द।
  15. वजन में कमी होना।

यहाँ मधुमेह को नियंत्रण करने के कुछ आसन से घरेलू उपाय:—-

*तुलसी के पत्तों में ऐन्टीआक्सिडन्ट और ज़रूरी तेल होते हैं जो इनसुलिन के लिये सहायक होते है । इसलिए शुगर लेवल को कम करने के लिए दो से तीन तुलसी के पत्ते को प्रतिदिन खाली पेट लें, या एक टेबलस्पून तुलसी के पत्ते का जूस लें।

*10 मिग्रा आंवले के जूस को 2 ग्राम हल्दी के पावडर में मिला लीजिए। इस घोल को दिन में दो बार लीजिए। इससे खून में शुगर की मात्रा नियंत्रित होती है।

*काले जामुन डायबिटीज के मरीजों के लिए अचूक औषधि मानी जाती है। मधुमेह के रोगियों को काले नमक के साथ जामुन खाना चाहिए। इससे खून में शुगर की मात्रा नियंत्रित होती है।

*लगभग एक महीने के लिए अपने रोज़ के आहार में एक ग्राम दालचीनी का इस्तेमाल करें, इससे ब्लड शुगर लेवल को कम करने के साथ वजन को भी नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।

*करेले को मधुमेह की औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसका कड़वा रस शुगर की मात्रा कम करता है।अत: इसका रस रोज पीना चाहिए। उबले करेले के पानी से मधुमेह को शीघ्र स्थाई रूप से समाप्त किया जा सकता है।

*मधुमेह के उपचार के लिए मैथीदाने का बहुत महत्व है, इससे पुराना मधुमेह भी ठीक हो जाता है। मैथीदानों का चूर्ण नित्य प्रातः खाली पेट दो टी-स्पून पानी के साथ लेना चाहिए ।

*काँच या चीनी मिट्टी के बर्तन में 5-6 भिंडियाँ काटकर रात को गला दीजिए, सुबह इस पानी को छानकर पी लीजिए।

*मधुमेह मरीजो को नियमित रूप से दो चम्मच नीम और चार चम्मच केले के पत्ते के रस को मिलाकर पीना चाहिए।

*ग्रीन टी भी मधुमेह मे बहुत फायदेमंद मानी । जाती है ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं जो एक मज़बूत एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपो-ग्लाइसेमिक तत्व हैं, शरीर इन्सुलिन का सही तरह से इस्तेमाल कर पाता है।

*सहजन के पत्तों में दूध की तुलना में चार गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। मधुमेह में इन पत्तों के सेवन से भोजन के पाचन और रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है। इसके नियमित सेवन से भी लाभ प्राप्त होता है ।

*एक टमाटर, एक खीरा और एक करेला को मिलाकर जूस निकाल लीजिए। इस जूस को हर रोज सुबह-सुबह खाली पेट लीजिए। इससे डायबिटीज में बहुत फायदा होता है।

*गेहूं के पौधों में रोगनाशक गुण होते हैं। गेहूं के छोटे-छोटे पौधों से रस निकालकर प्रतिदिन सेवन करने से भी मुधमेह नियंत्रण में रहता है।

*मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में खीरा नींबू निचोड़कर खाकर भूख मिटाना चाहिए।

*मधुमेह उपचार मे शलजम का भी बहुत महत्व है । शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। इसके अतिरिक्त मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग भी ज्यादा करना चाहिए।

*6 बेल पत्र , 6 नीम के पत्ते, 6 तुलसी के पत्ते, 6 बैगनबेलिया के हरे पत्ते, 3 साबुत काली मिर्च ताज़ी पत्तियाँ पीसकर खाली पेट, पानी के साथ लें और सेवन के बाद कम से कम आधा घंटा और कुछ न खाएं , इसके नियमित सेवन से भी शुगर सामान्य हो जाती है ।

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