Benefits of Khajur

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

◻◻◻ *🌹खजूर: रोगों का कारगर उपाय*
◻◻◻◻◻◻◻◻◻◻◻

🍀🍀1. यह स्वादिष्ट, बलकारक और पुष्टिकारक टॉनिक है।

🍀🍀2. यह वज़न को बढ़ाता है और मोटा करने वाले होता है।

🍀🍀3. इसमें प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट, विटामिन A, B, आयरन, पोटेशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, तथा अन्य मिनरल्स होते है।

☘️☘️4. यह फाइबर का अच्छा स्रोत है और शरीर को तुरंत उर्जा देता है।

🍀🍀5. यह शरीर की कमजोरी और लोहे की कमी anemia को दूर करता है।

🍀🍀6. यह कफ, खांसी, अस्थमा, छाती की तकलीफों में लाभप्रद है।

🍀🍀7. यह कफ को ढीला कर निकालता antitussive, expectorant है।

🍀🍀8. यह कामोद्दीपक increase the sexual power और वीर्यवर्धक है।

🍀🍀9. यह प्रजनन क्षमता potency को बढ़ाता है ।

🍀🍀10. यह आँत और पाचन संबंधी रोगों में बहुत ही लाभकारी है।

☘️☘️11. यह पाचन तन्त्र के लिए
टॉनिक Digestive Tonic है।

☘️☘️12. यह विषहर Depurative है।

🍀🍀13. यह आँतों में अच्छे बैक्टीरिया probiotic के पनपने में सहायक है।

☘️☘️14. विरेचक Laxative होने के कारण यह कब्ज़ constipation को दूर करता है और आँतों की सफाई करता है।

☘️☘️15. यह कुष्ठ, प्यास, थकान, पेट रोग, बुखार में लाभदायक है।

☘️☘️16. यह मूत्राशय की तकलीफों urinary disorders में आराम देता है।

☘️☘️17. यह गर्भाशय uterus के लिए भी लाभप्रद है।

☘️☘️18. खजूर को दूध के साथ लेना बहुत लाभप्रद है।

☘️☘️19. वयस्क लोगों को 20-50 ग्राम और बच्चों को 10-20 ग्राम तक खजूर का सेवन करना चाहिए।
◻◻◻◻◻◻◻◻◻◻◻
🌼🌼🌼🙏🌼🌼🌼

🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

four × four =

Related Posts

Astrology and Adhyatm

Spread the love          Tweet     : 🌺 भगवान् की भक्ति का माहात्म्य 🌺 श्रीमद्भागवत महापुराण, प्रथम स्कन्ध, द्वितीय अध्याय. मनुष्यों के लिये सर्वश्रेष्ठ धर्म वही है, जिससे भगवान में भक्ति हो— भक्ति भी

Effective Mantras

Spread the love          Tweet     आपकी हर मनोकामना पूर्ण करेंगे रामचरित मानस के ये इक्यावन मंत्र,,- श्री रामचरित मानस के दोहे चौपाई को कष्ट निवारण के लिए कैसे करे सिद्ध?,,,,, नियम- मानस के

Hanumanji

Spread the love          Tweet      #क्याहनुमानजीबन्दरथे? भारतीय इतिहास में अनेक विद्वान् तथा बलवान् हुए हैं। हनुमान उनमें से एक व्यक्ति थे। उनका जीवन आदर्श ब्रह्मचारी का रहा है परन्तु हमारे नादान पौराणिक