Category: Astrology and Vastu

Astrology tips about Rahu 25 NovemberAstrology tips about Rahu 25 November

जानिए राहु से प्रभावित (ग्रस्त) मनुष्य के लक्षण, कारण और निवारण (उपाय)— हम जहां रहते हैं वहां कई ऐसी शक्तियां होती हैं, जो हमें दिखाई नहीं देतीं किंतु बहुधा हम

Astrology tips 24 November 2020Astrology tips 24 November 2020

कैसा होगा पति अथवा पत्‍नी : सातवें भाव में स्थित ग्रह का फलज्‍योतिष के अनुसार किसी भी जातक के जीवनसाथी के बारे में मोटे तौर पर जानकारी मिल सकती है।

Astrology reasons for divorce 13 November 2020Astrology reasons for divorce 13 November 2020

Divorce -तलाक – जन्मपत्री का चन्द्रमा ग्रह 90% जिम्मेदार हो सकता है। आप खुद को दोष क्यो देते हो। अगर किसी एक व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष है और

Astrology Career tips 11 November 2020Astrology Career tips 11 November 2020

भाग्योदयऔरकैरियरजन्मस्थानसेदूरकिनलोगोकाहोताहैऔरक्यों??? अमूमन ज्यादातर लोगों की कुंडली मे ऐसे राजयोग ,और अच्छी सफलता के योग होते है जो जन्मस्थान से दूर भेजकर ही या जातक/जातिका के स्वयम जन्मस्थान से दूर रहकर

What is Bhadra in AstrologyWhat is Bhadra in Astrology

भद्रा – क्या हैएक सम्पूर्ण जानकारीभद्रा-धन्या दधमुखी भद्रा महामारी खरानना।कालारात्रिर्महारुद्रा विष्टिश्च कुल पुत्रिका।भैरवी च महाकाली असुराणांक्षयन्करी।द्वादश्चैव तु नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्।न च व्याधिर्भवैत तस्य रोगी रोगात्प्रमुच्यते।गृह्यः सर्वेनुकूला: स्यर्नु च विघ्रादि

Astrology Jail YogasAstrology Jail Yogas

जन्म कुंडली मे जेल जाने के योग🔹🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔹किसी भी कुंडली में सितारों की स्थिति येभी बता देती है कि जेल यात्रा के योगहै या नहीं। कुंडली में सूर्य, शनि, मंगल औरराहु-केतु

Movement of Earth and AstrologyMovement of Earth and Astrology

पृथ्वी की गति का ग्रहों की भावगत व राशिगत स्थितियों पर क्या प्रभाव पड़ता है? पृथ्वी की तीन प्रकार की गतियां होती है। 1 घूर्णन गति(दैनिक गति) इसमें पृथ्वी अपने

What is Bhadra in AstrologyWhat is Bhadra in Astrology

भद्रा पर सम्पूर्ण व्याख्या〰〰🌼〰〰🌼〰〰धन्या दधमुखी भद्रा महामारी खरानना।कालारात्रिर्महारुद्रा विष्टिश्च कुल पुत्रिका।भैरवी च महाकाली असुराणांक्षयन्करी।द्वादश्चैव तु नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्।न च व्याधिर्भवैत तस्य रोगी रोगात्प्रमुच्यते।गृह्यः सर्वेनुकूला: स्यर्नु च विघ्रादि जायते।। देवदानवसंग्राम