Medicinal uses of Bilva patra

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☘️बिल्वपत्र के औषधि-प्रयोग

🌻1. बेल के पत्ते पीसकर गुड़ मिलाके गोलियाँ बनाकर खाने से  बिषमज्वर से रक्षा होती है ।

*🌻2. पत्तों के रस में शहद मिलाकर पीने से इन दिनों में होनेवाली सर्दी, खाँसी, बुखार आदि कफजन्य रोगें में लाभ होता है ।*

*🌻3. बारिश में दमे के मरीजों की साँस फूलने लगती है । बेल के पत्तों का काढ़ा इसके लिए लाभदायी है ।*

*🌻4. बरसात में आँख आने की बीमारी ( con-junctivitis ) होने लगती है । बेल के पत्ते पीसकर आँखों पर लेप करने से एवं पत्तों का रस आँखों में डालने से आँखें ठीक हो जाती हैं।*

🌻5. कृमि नष्ट करने के लिए पत्तों का रस पीना पर्याप्त है ।

🌻6. एक चम्मच रस मिलाने से बच्चों के दस्त तुरंत रुक जाते हैं ।

*🌻7. संधिवात में पत्ते गर्म करके बाँधने से सूजन व दर्द में राहत मिलती है ।*

🌻8. बेलपत्र पानी डालकर स्नान करने से वायु का शमन होता है, सात्त्विकता बढ़ती है ।

🌻9. बेलपत्र का रस लगाकर आधे घंटे बाद नहाने से शरीर की दुर्गंध दूर होती है ।

*🌻10. पत्तों के रस में मिश्री मिलाकर पीने से अम्लपित्त (acidity) में आराम मिलता है।*

🌻11. स्त्रियों के अधिक मासिक स्राव व श्वेतस्राव (Leucorrhoea) में बेलपत्र एवं जीरा पीसकर दूध में मिलाकर पीना खूब लाभदायी है । यह प्रयोग पुरुषों में होनेवाले धातुस्राव को भी रोकता है ।

*🌻12. तीन बिल्वपत्र व एक काली मिर्च सुबह चबाकर खाने से और साथ में ताड़ासन व पुल-अप्स करने से कद बढ़ता है । नाटे-ठिंगने बच्चों के लिए यह प्रयोग आशीर्वादरूप है।*

*🌻13. मधुमेह (डायबिटीज) में ताजे बिल्वपत्र अथवा सुखे पत्तों का चूर्ण खाने से मूत्रशर्करा व मूत्रवेग नियंत्रित होता है ।*

🔹बिल्वपत्र-रस की मात्राः 10 से 20 मि.ली

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