Month: March 2021

Bhagwan Shiv PoojanBhagwan Shiv Poojan

भगवान शिव के पार्थिव पूजन की सरल विधि बतायेगें!!!!!!!!!! कलियुग में पार्थिव शिवलिंगों की पूजा करोड़ों यज्ञों का फल देने वाली मानी गयी है । भगवान शिव का किसी पवित्र

Tips for Healthy Life 10 March 2021Tips for Healthy Life 10 March 2021

पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं

Health tips 10 March 2021Health tips 10 March 2021

निरोगी काया के लिए घरेलु उपाय🌺🍃🌺🍃🌺🍃🌺🍃🌺🍃🌺👉 आंवलाकिसी भी रूप में थोड़ा साआंवला हर रोज़ खाते रहे,जीवन भर उच्च रक्तचापऔर हार्ट फेल नहीं होगा। 👉 मेथीमेथीदाना पीसकर रख ले।एक चम्मच एक

Pravachan 10 March 2021Pravachan 10 March 2021

कठिनतम और जटिलतम परिस्थितियों में भी धैर्य बना रहे इसी का नाम सज्जनता है। केवल फूल माला पहनने पर अभिवादन कर देना ही सज्जनों का का लक्षण नहीं। यह तो

Astrology tips Lagandosh 9 March 2021Astrology tips Lagandosh 9 March 2021

लग्न दोष :- जन्मकुंडली में सबसे महत्वपूर्ण पार्ट जन्म कुंडली का लग्न और लग्नेश होता है। अतः जन्म कुंडली में लग्न भाव का स्वामी लग्नेश का बलवान होना अति आवश्यक

Lemon cures Pimples 9 March 2021Lemon cures Pimples 9 March 2021

मुहांसों से छुटकारा पाने के लिए बेहद कारगार है ‘नींबू’,〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️अगर आप मुहांसों की समस्या से परेशान हैं तो इससे छुटकारा पाने के लिए नींबू बेहद कारगर है। यह कहना है

Benefits of Coriander juice 9 March 2021Benefits of Coriander juice 9 March 2021

धनिया जूस के स्वास्थ्य लाभ〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️हमारी किडनी का काम है ब्लड को शुद्ध करना और शरीर के बेकार और विषैले पदार्थों को बाहर निकालना। पैन्क्रीयाज आंतो में कुछ पाचक एंजाइम का

Mehndi ke Gun 9 March 2021Mehndi ke Gun 9 March 2021

🌱मेंहदी के स्वास्थ्यवर्धक गुण🌱〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️मेंहदी के हिना,, नखरंजनी,, मेंदी आदि अन्य नाम प्रचलित हैं। मेंहदी सौभाग्य एवं सौंदर्यकारक मंगल प्रतीक के रूप में पुरातनकाल से उपयोगी रही है। इसका पौधा ५-६

Hindu Dharamgranth saarHindu Dharamgranth saar

हिंदू धर्मग्रंथों का सार, जानिए किस ग्रंथ में क्या है?〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️अधिकतर हिंदुओं के पास अपने ही धर्मग्रंथ को पढ़ने की फुरसत नहीं है। वेद, उपनिषद पढ़ना तो दूर वे गीता तक