Ayurvedic and Health tips 1 September 2019

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🥀ह्रदय को शक्ति,मस्तिष्क को शांति व पाचन को मजबूत करने हेतु बेल का शर्बत पीए

🌺बिल्व/बेल में प्रोटीन, बीटा-कैरोटीन, थायमीन, राइबोफ्लेविन और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है.स्नेहा समूह

🌼बेल का रस पीने के फायदे:

   1🌺 दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव में सहायक
   2. 💐गैस, कब्ज की समस्या में राहत
   3. 🌷कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित रखने में मददगार
4 🌺 दस्त और डायरिया की समस्या में भी फायदेमंद

  1. 🌸ठंडक देने का काम करता है

6 🍁नई माँओ के लिए हितकर

7 🍂कैन्सर से बचाव करता है

🌾जूस बनाने की विधि :

🌺गुदा निकाल कर  हाथ से मैश करके  थोडा पानी डाल कर छान लें l दूध ,दही या पानी डाल कर स्वादानुसार शक्कर , चुटकी भर काली मिर्च व सौठ डाल हिला दे l  बर्फ के २ क्यूब  डाले, शर्बत तैयार l
[जब रोजाना करेंगे इन चीज़़ों का सेवन,बीमारी रहेगी कोसों दूर,

बदलते मौसम के अलावा भी अक्सर अगर आप सर्दी, जुकाम और फीवर का शिकार होते रहते हैं तो ये आपकी खराब इम्युनिटी की ओर इशारा करता है। जिसकी सबसे बड़ी वजह आपका खराब खानपान होता है। खाने में हरी सब्जियों और फ्रूट्स के अलावा ड्राईफ्रूट्स और कुछ मसाले भी होते हैं जो इम्युनिटी को बूस्ट कर आपको रखते हैं लंबे समय तक बीमारियों से कोसों दूर। जानेंगे इन सुपरफूड्स के बारे में…

  1. हल्दी का प्रयोग न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि ढेर सारे रोगों से भी बचाती है। हल्दी का भोजन में प्रयोग करने के साथ ही दवा के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है। इसमें करक्यूमिन नामक पोषक तत्व पाया जाता है। यह पोषक तत्व हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बहुत करता है। हल्दी में कैंसर रोधी गुण भी पाए जाते हैं। हल्दी सर्दी-जुकाम से राहत दिलाने के साथ ही घावों के जल्दी भरने में भी मदद करती है।
  2. लगभग हर मौसम में आसानी से मिलने वाली इस हरी पत्तेदार सब्जी में ढेर सारे गुण मौजूद होते हैं। पालक फ्लेवोनॉयड्स, कैरोटेनॉयड्स, विटामिन सी, ई आदि का अच्छा स्रोत मानी जाती है। यह इम्यून सिस्टम के लिए बहुत अच्छे सर्पोट का काम करती है।
  3. विटामिन सी से भरपूर यह फल न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करता है, बल्कि पाचनतंत्र को भी सही रखने में मदद करता है।

4.  दही का सेवन केवल भोजन का स्वाद ही नहीं बढ़ाता है, बल्कि इसमें ढेर सारे चमत्कारी गुण होते हैं, जो न केवल आपको फिट रखते हैं, बल्कि कई गंभीर रोगों से भी बचाते हैं। 

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मेथी दाने से करें शुगर कंट्रोल

  • इंटरनेशनल जर्नल फॉर विटामिन एंड न्यूट्रिशन रिसर्च में छपे एक अध्ययन के अनुसार, प्रतिदिन 10 ग्राम मेथी दाने को गर्म पानी पीने से टाइप-2 डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। मेथी दाने का पानी इतना हेल्दी होता है कि इसे पीने से ब्लड शुगर लेवल कम होने लगता है। इसमें काफी मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन क्रिया को तेज करता है। इसके साथ ही यह शरीर द्वारा शुगर के इस्तेमाल को भी बेहतर करता है। पिएं ब्लू टी, होंगे सेहत को कई फायदे
  • मेथी दाना का पानी बनाना बहुत ही आसान है। एक से डेढ़ चम्मच मेथी दानों को रात को एक गिलास में पानी डालकर भिगो दें। सुबह उठकर इस पानी को अच्छे से छान लें और फिर इसे खाली पेट पिएं।

इससे शरीर का ब्लड शुगर लेवल नियत्रित रहता है और डायबिटीज से बचाव होता है। यह डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार है। मेथी में मौजूद गेलेक्टोमैनन नामक फाइबर, खून में शुगर के अवशोषण को कम करता है।

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: स्वास्थ्य संबंधी श्रन्खला


  1. यदि पेशाब का प्रेसर आ रहा हो तो उस समय पानी न पीए।
  2. पेशाब करने के तत्काल बाद पानी न पीए
  3. लम्बे समय तक किये गए प्राणायाम करने के बाद करीब आधा घंटा तक पानी नहीं पीए।
  4. भोजन करने के बाद सर्दियों में एक घंटे तक व गर्मियों में आधे घंटे तक पानी नहीं पीए। लेकिन यह नियम खुश्क खाना जैसे अचार के साथ रोटियां खाना, कोई पतली सब्जी या कोई पतली चीज़ नहीं, पर लागू नहीं होगा।
  5. बाहर धूप में से आने पर तुरंत पानी न पीए।
  6. किसी तैलिय वस्तु जैसे दाल के पकौड़े आदि खाने पर तुरंत पानी नहीं पीए। पानी जरुरी हो तो गर्म पानी पीए। 7.मंजन व ब्रश करने के तत्काल बाद पानी नहीं पीए।

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फूड पॉइजनिंग हो जाए तो घबराएं नहीं, अपनाएं ये 5 असरदार उपाय

  1. नींबू का सेवन करें:- नींबू में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं। इसलिए इसे पीने से फूड पॉइजनिंग वाले बैक्टीरिया मर जाते हैं। आप खाली पेट नींबू-पानी बनाकर पी सकते हैं या चाहें तो गर्म पानी में नींबू निचोड़ें और पी जाएं। 
  2. सेब के सिरके का सेवन करें:- सेब के सिरके में मेटाबालिज्म रेट को बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। खाली पेट इसका सेवन करने पर यह भी खराब बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं।
  3. तुलसी का सेवन करें:- तुलसी में मौजूद रोगाणुरोधी गुण सूक्ष्म जीवों से लड़ते हैं। तुलसी का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं। एक कटोरी दही में तुलसी की पत्तियां, कालीमिर्च और थोड़ा सा नमक डालकर खा सकते हैं। पानी व चाय में भी तुलसी की पत्तियां डालकर पी सकते हैं।
  4. दही खाएं:- दही एक प्रकार का एंटीबायोटिक है, इसमें थोड़ा सा काला नमक डालकर इसे खा सकते हैं।
  5. लहसन खाएं:- लहसन में एंटी फंगल गुण होते हैं। आप सुबह खाली पेट लहसन की कच्ची कलियां पानी केसाथ खा सकते हैं। इससे भी राहत मिलेगी।

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🌻🍀गण्डमाला की गाँठें (Goitre)- गले में दूषित हुआ वात, कफ और मेद गले के पीछे की नसों में रहकर क्रम से धीरे-धीरे अपने-अपने लक्षणों से युक्त ऐसी गाँठें उत्पन्न करते हैं जिन्हें गण्डमाला कहा जाता है। मेद और कफ से बगल, कन्धे, गर्दन, गले एवं जाँघों के मूल में छोटे-छोटे बेर जैसी अथवा बड़े बेर जैसी बहुत-सी गाँठें जो बहुत दिनों में धीरे-धीरे पकती हैं उन गाँठों की हारमाला को गंडमाला कहते हैं और ऐसी गाँठें(ganth) कंठ पर होने से कंठमाला कही जाती है।

🌻प्रयोगः कौंच के बीज को घिस कर दो तीन बार लेप करने तथा गोरखमुण्डी के पत्तों का आठ-आठ तोला रस रोज पीने से गण्डमाला (कंठमाला) में लाभ होता है।

🌻कफवर्धक पदार्थ न खायें।

🌻विशेष : ” अच्युताय हरिओम गौझरण अर्क ” व ” अच्युताय हरिओम तुलसी अर्क ” सभी प्रकार की गाँठ(ganth) खत्म करते है।

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हर्बल डिटॉक्स ड्रिंक जो वसा को पिघला सकता है

उन कारकों में से एक जो वजन को बढ़ाते हैं, धीमा चयापचय होता है। हालांकि, न केवल वजन कम करना महत्वपूर्ण है बल्कि हानिकारक वसा को खत्म करने और अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक है।

यहां एक आश्चर्य पेय के लिए नुस्खा है जो आपके वजन को कम करने और आपके चयापचय के कार्य को तेज करने में मदद करता है। इस पेय के बारे में जादू यह है कि यह अत्यधिक पेट की चर्बी को पिघलाने में असाधारण रूप से प्रभावी है। मोटा पिघलाओ और कहो एक भव्य नए तुम !!

इस पेय को बनाने के लिए आपको निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होगी:
-8 8 कप फिल्टर्ड पानी
-1 चम्मच कसा हुआ अदरक (या जैविक अदरक रूट पाउडर का एक बड़ा चमचा)
-1 मध्यम आकार के खीरे, पतले कटा हुआ
-1 मध्यम आकार के नींबू, पतले कटा हुआ
-12 पुदीने की पत्तियां

तैयारी

एक बड़े घड़े में सभी सामग्रियों को मिलाएं और सभी फ्लेवर को रात भर के लिए मिला दें। एक गिलास में ड्रिंक डालने से पहले घड़े से नींबू के टुकड़े, अदरक और पुदीने की पत्तियां निकालें। यदि आप इसे पूरे दिन नहीं पीते हैं, तो आप इसे 2 दिनों तक ठंडा कर सकते हैं।

ऊपर सूचीबद्ध सभी सामग्री के विभिन्न स्वास्थ्य लाभ और सफाई प्रभाव हैं, लेकिन जब संयुक्त होते हैं, तो वे न केवल शरीर को शुद्ध करते हैं, बल्कि अत्यधिक वसा को हटाने में भी मदद करते हैं।
[सिर्फ माउथ फ्रेशनर ही नहीं है मिश्री

माउथ फ्रेशनर मिश्री

सौंफ के साथ मिश्री का प्रयोग सामान्‍यत माउथ फ्रेशन के रूप में किया जाता है। इस शुगर कैंडी का मीठा स्‍वाद और फ्लेवर न केवल आपको तरोताजा महसूस करवाता है बल्कि मुंह में बैक्‍टीरिया के निर्माण को भी रोकता है। यही कारण है कि ज्‍यादातर भारतीयों को भोजन के बाद मिश्री खाने की आदत है।

ताजा पेय भी है मिश्री

दक्षिण भारत के प्रमुख भागों में गर्मियों के दौरान व्‍यापक रूप से मिश्री का प्रयोग ताजा पेय के रूप में किया जाता है। एक गिलास पानी में एक चम्‍मच मिश्री पाउडर मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है। यह दिमाग और शरीर पर एक सुखदायक प्रभाव डाल तनाव से राहत देता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि यह ग्‍लूकोज के रूप में एनर्जी प्रदान कर आपको आराम देता है।

खांसी से छुटकारा दिलाये

आमतौर पर बदलते मौसम के दौरान बच्‍चे सर्दी और खांसी के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं। हालांकि खांसी से छुटकारा पाने के लिए कफ सिरप जैसे व्‍यापक रूप से पसंदीदा विकल्‍प मौजूद है, लेकिन मिश्री तुरंत राहत पाने वाला सबसे प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है। इसमें मौजूद आवश्‍यक पोषक तत्‍व कफ को साफ कर गले को सुखदायक प्रभाव देता है।

चीनी का सेहतमंद विकल्‍प

चीनी का अपरिष्‍कृत रूप होने के कारण मिश्री को टेबल शुगर की तुलना में स्‍वस्‍थ विकल्‍प माना जाता है। यही कारण है कि मिश्री का प्रयोग कन्फेक्शनेरी जैसे लालीपॉप और चॉकलेट से लेकर स्‍वीट ड्रिंक जैसे पन्‍ने जैसे स्‍वीट की तैयारी में किया जाता है।

गले में खराश का प्रभावी उपचार

अगर आपका बच्‍चा बहती नाक या गले में खराश से पीड़ित है? तो आप मिश्री से बना पानी अपने बच्‍चे को दे सकते हैं। यह आम सर्दी और उसके लक्षणों से राहत देने के लिए प्राकृतिक रूप से काम करता है, साथ ही आपको तुरंत राहत प्रदान करता है। गले में खराश से राहत पाने के लिए आप अपने बच्‍चे को मिश्री का छोटा टुकड़ा चूसने के लिए भी दे सकते हैं।

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मुहँ मे छाले का घरेलू नुस्खे
🌻🍀🌴🌻🍀🌴🌻

अक्सर पेट में कब्ज, पेट की गर्मी ,दाँत से जीभ कटने या किसी अन्य कारण से जब मुँह में छाले हो जाते है तो कुछ भी खाना-पीना व निगलना तक बहुत ही मुश्किल हो जाया करता है। जब और जब जीभ पर भी छाले हो जाया करते हैं तब तो बहुत ही असहनीय हालत हो जाती है ऐसी हालत में कुछ भी न खाते न उगलते ही बनता है।

आइये हम आपको कुछ आसान से घरेलु उपाय बताते है जिससे आपको अवश्य ही लाभ मिलेगा ।

सूखे पान के पत्ते का चूर्ण बनाकर इस चूर्ण को शहद में मिलाकर दिन में 3-4 बार चाटना चाहिए।

शहद में मुलहठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप मुँह के छालों पर करें और लार को मुँह से बाहर टपकने दें।

छोटी हरड़ को महीन पीसकर छालों पर लगाने से मुँह तथा जीभ के छालों से निश्चित रूप से छुटकारा मिलता है। इसे दिन में दो तीन बार अवश्य ही लगायें।

तुलसी की चार-पाँच पत्तियां नित्य सुबह और शाम चबाकर ऊपर से दो घूँट पानी पीयें। मुँह के छाले शीघ्र ठीक जाते है।

मुँह में छाले होने पर सुबह शाम अडूसा के 2-3 पत्तों को चबाकर उनका रस चूसना चाहिए।

पान लगाने वाले कत्थे को मुहँ के छालों में लगाने से जल्द लाभ मिलता है।

अमरूद के कोमल ताजे पत्तों में कत्था मिलाकर पान की तरह चबाने से भी मुँह के छाले ठीक हो जाते हैं।

कत्था, मुलहठी का चूर्ण और शहद मिलाकर मुँह के छालों पर तीन चार दिन तक दिन में 2-3 बार लगाना चाहिए।

दिन में 3-4 बार शुद्ध घी या मक्खन को मुँह के छालों में लगाना चाहिए

मिश्री को बारीक पीसकर उसमें थोड़ा सा कपूर मिलाकर छालों में लगायें।

नींबू के रस में शहद मिलाकर इसके कुल्ले करने से भी मुँह के छाले शीघ्र दूर होते हैं।

मुहँ के छाले होने पर अमृतधारा में शहद मिलाकर उसे दिन में 3-4 बार रुई से लगाना चाहिए

दो ग्राम भुना हुआ सुहागा का बारीक चूर्ण पन्द्रह ग्राम ग्लींसरीन में मिलाकर दिन में दो तीन बार मुँह एवं जीभ के छालों पर लगायें।

पानी में नारियल का तेल मिलाकर उसके गरारे करने से भी जल्दी लाभ मिलता है।

अलसी के कुछ दाने दिन में 2-3 बार चबाने से भी मुहँ के छालों में आराम मिलता है।

मट्ठा पीने से भी शीघ्र लाभ मिलता है

नीम के टूथपेस्ट या नीम के मंजन से भी मुँह के छालों में आराम मिलता है ।

मुहँ के छाले होने पर मिर्च मसाले, आचार, तम्बाकू,दही या खट्टे पदार्थों का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए
[पेट में तेजाब का इलाज के घरेलू उपाय

  1. सीने की जलन, पेट में गैस और तेजाब बनने की समस्या से बचने के लिए भोजन करने के बाद थोड़ा सौंफ खाना चाहिए। सौंफ वाली चाय के सेवन से भी राहत मिलती है।
  2. पेट में तेजाब बनना कम करने के लिए जीरा रामबाण देसी इलाज है। आधे से एक चम्मच जीरा कच्चा चबा कर खाएं और 10 मिनट बाद गुनगुना पानी पिए। इस घरेलू नुस्खे को करने से कितनी भी भयंकर एसिडिटी हो तुरंत आराम मिलने लगता है।
  3. इलायची पाचन ठीक रखने में मदद करती है। जब भी सीने मे जलन या दर्द और एसिड बनने के लक्षण दिखे 2 इलायची खा ले। इलायची पानी मे उबाल कर पीने से भी आराम मिलता है।
  4. एसिडिटी दूर करने के उपाय में ठंडा दूध बहुत फायदेमंद है। ठंडा दूध पीने से तुरंत आराम मिलने लगता है। दूध पेट में एसिड नहीं बनने देता।
  5. तेजाब ज्यादा बनने पर तुलसी के पत्तों को चबा कर खाए या फिर इन्हें पानी में उबाल कर पानी पिए। पेट मे तेजाब की समस्या से छुटकारा पाने में ये उपाय भी अचूक है।
  6. खाने के बाद गुड़ खाना चाहिए इससे पाचन क्रिया में सुधार होता है।
  7. सीने में जलन और दर्द का इलाज करने के लिए भोजन करने से पहले एलो वीरा जूस पिए और अगर acidity जादा है तो खाना खाने के आधे घंटे के बाद एलो वीरा जूस पिए। इस उपचार से एसिडिटी का स्थाई इलाज किया जा सकता है। एलो वीरा जूस पंसारी या पतंजलि स्टोर से ले सकते है।
  8. पेट मे एसिड बनने से होने वाली परेशानियां दूर करने के लिए लहसुन का सेवन करे।
  9. पेट में तेजाब के उपाय में बाबा रामदेव के योग भी फायदेमंद है। कपालभाति प्राणायाम व भास्त्रिका प्राणायाम प्रतिदिन करने से तेजाब से बचाव होता है।
  10. ज्यादा खाना खा लिया है तो भूना हुआ जीरा और काली मिर्च पाउडर छाछ में डाल कर पिए। इससे पेट में जादा तेजाब नहीं बनेगा।

जाने पेट साफ़ करने के उपाय
जाने पेट में गैस का इलाज कैसे करे

सीने में जलन और पेट में तेजाब के उपाय

पेट मे तेजाब की समस्या अधिक होने पर जादा खाना खाने से बचना चाहिए। अक्सर हम पेट भरने के बाद भी खाते रहते है जो एसिडिटी और सीने में जलन का कारण बनता है।
इलाज के लिए दवा और उपाय करने के साथ साथ ये भी जानना जरुरी है की क्या खाएं और क्या नहीं खाना चाहिए। इस रोग के परहेज में जादा मिर्च मसाले वाला आहार, फ़ास्ट फ़ूड, तला हुआ खाना, कोल्ड ड्रिंक, पकोड़े, पूड़ी, परांठे, चाय, कॉफ़ी और खट्टे फल ना खाए।
पेट में एसिड को नियंत्रित करने के लिए पानी ज्यादा पिए।
एसिडिटी के कारण पेट गले और सीने में जलन रहती है तो केला खाये। केले में तेजाब से लड़ने की ताकत होती है।
आहार में खट्टी चीजों का सेवन ना करे। खट्टी चीज़ो में एसिड की मात्रा अधिक होती है जिससे पेट में तेजाब बनता है।
सुबह दोपहर और रात का भोजन करने का समय निर्धारित करे और रोजाना उसी समय पर खाना खाए।
खाना हमेशा धीरे धीरे और चबा कर खाना चाहिए। जल्दी में खाना निगलने से इसे पचाने के लिए पेट में ज्यादा तेजाब बनता है।
लम्बे समय तक खाली पेट रहने से भी एसिडिटी हो जाती है। इसलिए 3 से 4 घंटे में कुछ खाते रहे।
: पेशाब में जलन का इलाज

यूरिन या पेशाब में जलन की समस्या 50 प्रतिशत महिलाओं को होती है। फीमेल हो या मेल सभी को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कभी-कभी ये समस्या अधिक बढ़ जाती है। जिसके कारण आपको एक मिनट बैठना भी असंभव हो जाता है।

कुछ लोगों को इस समस्या से जल्द ही निजात मिल जाता है, तो किसी को अधिक समय भी लग जाता है। इसके लिए कई लोग लगातार उपचार भी लेते है। माना जाता है कि जब हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। तब ये समस्या और बढ़ जाती है। पेशाब में जलन बहुत ही आम समस्‍या है, जो मूत्र मार्ग में संक्रमण, किडनी में स्‍टोन और हिहाइड्रेशन आदि के कारण होती है। जानिए यूरिन में जलन की समस्या से निजात पाने के घरेलू उपाय।

इस तकलीफ में पेशाब कम मात्रा में, रुक रुक के, थोड़ा-थोड़ा आता है और साथ में जलन होती है। आयुर्वेद में इस परेशानी को मूत्रकृच्छ कहा जाता है। पेशाब में जलन होने की समस्या स्त्री व पुरुष दोनों में भी हो सकती है। लगभग 100 में से 80 प्रतिशत लोग कभी न कभी इस बीमारी से परेशान हुए होते है।

पेशाब में जलन होना पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए एक आम समस्या हैं और समय-समय पर लोगों का इससे सामना होता रहता हैं। लेकिन शर्मिंदगी के कारण किसी को बता नहीं पाते। कुछ लोगों को इससे जल्द राहत मिल जाती है तो कई लोग इससे लम्बे समय तक परेशान रहते हैं।

गर्मियों के दिनों में गर्म चीजों के ज्यादा सेवन से यह समस्या उभर कर आती हैं। लेकिन अगर यह समस्या लम्बे समय तक चले तो किसी ओर बीमारी का लक्षण भी हो सकता है तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श ले। आज हम आपको All Ayurvedic के माध्यम से इस समस्या के कुछ घरेलु इलाज बताने जा आरहे हैं, आइये जानते हैं उनके बारे में…

पेशाब में जलन का आयुर्वेदिक इलाज
एक गिलास पानी में एक चम्मच धनिया पाउडर डालकर रात भर रखे और सुबह उसे छानकर उसमें शक्कर या गुड मिलाकर पी लीजिए।

ककड़ी में भरपूर मात्रा में पानी पाया जाता है। साथ ही यह पाचन क्रिया को ठीक रखता है। ककड़ी में क्षारीय तत्व भी पाए जाते है, जो मूत्र की कार्यप्रणाली के सुचारु रूप से संचालन में सहायक होती हैं।

जब शरीर में पानी की कमी के कारण यह समस्या हो जाती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो यूरिन का रंग पीला हो जाता है। इसलिए अधिक से अधिक पानी पीएं। साथ ही नारियल पानी का सेवन भी करें क्‍योंकि यह डिहाइड्रेशन तथा पेशाब की जलन को ठीक करता है।
क्या आप गर्मी में पसीने की बदबू से परेशान है? तो अपनाए यह कारगर घरेलु उपाय

गर्मियों में पसीने की समस्या होना आम बात है। पसीना आना स्वस्थ शरीर की निशानी है। पसीने से शरीर का वेंटिलेशन होता है और जब पसीना सूख जाता है तब ताजगी का एहसास होता है। लेकिन पसीने का अधिक आना भी नुकसानदायक होता है। अधिक पसीने की वजह से सबसे बड़ी समस्या आती है तन की दुर्गंध। जिससे अक्सर लोग परेशान होते हैं। अधिक पसीने से बचने के लिए आप कुछ आसान प्राकृतिक घरेलू उपायों को अपना सकते हो।

➡ क्या आहार लेना चाहिए? :
• रोज सुबह ग्रीन टी को पीएं। यह पसीने को कम करती है।
• दिन में रोज टमाटर का रस या सूप पीने से पसीने की दुर्गंध कम होती है।
• आप अंगूर, बादाम और स्ट्राबेरी का सेवन न करें यह पसीने को बढ़ाने का काम करते हैं।

पसीने की बदबू को दूर करने के घरेलू उपाय :

  1. आलू स्लाइस :- आलू को काटकर इसका स्लाइस बना लें और शरीर के जिस भाग में अधिक पसीना आता हो वहां पर इसे मलें। यह उपाय पसीना कम कर देता है।
  2. बेकिंग सोडा :- नहाने की बाल्टी में एक चुटकी बेकिंग सोड़ा मिलाकर उस पानी से स्नान करें। ऐसा नियमित करने से पसीना नहीं आता है।
  3. नींबू :- नहाने की टब या बाल्टी में कुछ बूंदे नींबू की डालें और इस पानी से नहाएं। यह भी आपको पसीने की समस्या से दूर रखता है।
  4. बेलपत्र :- शरीर पर बेलपत्र का लेप लगाने से पसीना नहीं आता है।
  5. पानी :- जितना हो सकें पानी खूब पीएं। अधिक पानी पीने से पसीना तो निकलेगा ही लेकिन उससे आने वाली बदबू खत्म हो जाएगी।
  6. तेजपत्ता :- तेजपत्तों को सुखा लें और इसे पीसकर इसका चूर्ण बना लें। अब पानी में इन पत्तों को उबाल लीजिए। और एक दिन ऐसे ही रहने दें। अब इस पानी से शरीर के उन हिस्सों की रोज सफाई करें जहां से पसीना अधिक निकलता है।
  7. अन्य उपाय :-
    • नीम वाले साबुन से स्नान करे ।
    • टाइट या तंग कपड़े पहनने से शरीर से अधिक पसीना आता है। इसलिए अधिक तंग कपड़े न पहनें।
    • कड़ी धूप में जाने से बचें।
    • ढीले और सूती कपड़े पहनें।
    • सिंथेटिक कपड़ों को भी न पहनें।
    • गर्मियों के मौसम में मिलने वाले फलों का. सेवन करें।
    • अधिक मसालेदार खाना-खाने से बचें।

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Are you troubled by the smell of sweat in summer? So adopt this effective home remedy

It is common to have sweating problems in summer. Sweating is a sign of a healthy body. Sweating leads to ventilation of the body and one feels freshness when the sweat dries up. But excessive sweating is also harmful. The biggest problem comes from bad breath due to excess sweat. Due to which people are often disturbed. You can adopt some easy natural home remedies to avoid excessive sweating.

What diet should be taken? :-
• Drink green tea every morning. It reduces sweating.

• The smell of perspiration is reduced by drinking tomato juice or soup every day.

• Do not consume grapes, almonds and strawberries, they work to increase perspiration.

Home remedies to remove sweat odor:-

  1. Potato slices: Cut potato and make slices and rub it on the part of the body where there is excessive sweating. This remedy reduces sweating.
  2. Baking Soda: – Mix a pinch of baking soda in the bath bucket and take a bath with that water. Doing this regularly does not cause sweating.
  3. Lemon: – Put a few drops of lemon in a bath tub or bucket and take a bath with this water. It also keeps you away from the problem of sweating.
  4. Belpeter: – Applying a paste of Belpatra on the body does not cause sweat.
  5. Water: – Drink as much water as possible. Drinking more water will not only cause sweat, but the smell that comes from it will end.
  6. Bay leaves: – Dry the bay leaves and grind it to make the powder. Now boil these leaves in water. And let it be one day. Now clean the parts of the body daily with this water, where sweat comes out more.
  7. Other Measures: –
    • Take a bath with neem soap.
    • Wearing tight or tight clothes causes excess body sweating. So do not wear tight clothes.
    • Avoid exposure to harsh sunlight.
    • Wear loose and cotton clothes.
    • Do not wear synthetic clothing as well.
    • Fruits found during summer season. Take it.
    • Avoid eating spicy foods.


. 🛌🏾 रात को सोने से पहले

👉भोजन के बाद गर्म सूप या गुनगुना पानी पिया जाये। एक गिलास गुनगुना पानी सोने से ठीक पहले भी पीना चाहिए। इससे खून के थक्के नहीं बनेंगे और आप हृदयाघात से बचे रहेंगे।

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🛌🏾 Night before bed

  Hot soup or lukewarm water should be drunk after the meal. A glass of lukewarm water should be drunk just before bedtime. This will not cause blood clots and you will avoid heart attack.

2 thoughts on “Ayurvedic and Health tips 1 September 2019”

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Spread the love          Tweet     अगर चाहिए स्वस्थ तन और मन तो कीजिए गायत्री मंत्र का जाप〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰कहते हैं कि यदि आप संस्कृत भाषा में अलग-अलग मंत्रों का उच्चारण करते हैं तो आपका तन